प्रधानमंत्री(PM) ने पहलगाम हमले(Pahalgam Attack) के जवाब में सेना को पूरी परिचालन स्वतंत्रता दी: सूत्र
प्रधानमंत्री मोदी(PM Modi) की शीर्ष रक्षा प्रतिष्ठान के साथ उच्च स्तरीय बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत 22 अप्रैल को पहलगाम हमले(Pahalgam Attack) के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। यह 26/11 मुंबई(Mumbai) नरसंहार के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे भीषण आतंकवादी हमला है।
In Short
- प्रधानमंत्री(PM) ने सेना(forces) को हमले का तरीका, लक्ष्य और समय चुनने की स्वतंत्रता(freedom) दी
- नई दिल्ली(New Delhi) में प्रधानमंत्री(Prime Minister) के आधिकारिक आवास पर बैठक हुई
- भारत(India) ने पहलगाम हमले(Pahalgam attack) के अपराधियों को कड़ी प्रतिक्रिया देने की कसम खाई है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) ने मंगलवार को भारतीय सशस्त्र बलों(Indian Armed Forces) को जम्मू एवं कश्मीर(Jammu and Kashmir) के पहलगाम(Pahalgam) में हुए हालिया आतंकवादी हमले का जवाब देने के लिए "पूर्ण परिचालन स्वतंत्रता"("complete operational freedom") प्रदान की, जिसमें पिछले सप्ताह 26 नागरिक मारे गए थे, सरकारी सूत्रों ने इंडिया टुडे टीवी को बताया।
यह निर्णय प्रधानमंत्री(Prime Minister) द्वारा नई दिल्ली(New Delhi) स्थित उनके आवास पर बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया।
90 मिनट तक चली बैठक में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह(Union Defence Minister Rajnath Singh), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल(National Security Advisor Ajit Doval), चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान(Chief of Defence Staff General Anil Chauhan) और तीनों सेना प्रमुखों(Army Chief) - सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी(Upendra Dwivedi), नौसेना प्रमुख(Navy ) एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी(Admiral Dinesh K Tripathi) और एयर चीफ मार्शल(Air Chief) अमर प्रीत सिंह(Amar Preet Singh) ने भाग लिया।
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सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री(Prime Minister) ने दोहराया कि आतंकवाद को "कुचलने वाला झटका"("crushing blow") देना राष्ट्रीय संकल्प का विषय है।
सूत्रों ने बताया कि उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों(Indian Armed Forces) की क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताया और वरिष्ठ रक्षा नेतृत्व(senior defence leadership) से कहा कि उन्हें किसी भी सैन्य प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य और समय का निर्धारण करने के लिए "पूर्ण परिचालन स्वतंत्रता"("full operational freedom") है।
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यह बैठक प्रधानमंत्री(PM) की अध्यक्षता वाली सुरक्षा संबंधी कैबिनेट(Cabinet Committee) समिति की बैठक से एक दिन पहले हुई है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर सरकार की सर्वोच्च निर्णय(highest decision-making) लेने वाली संस्था है।
राणाथ सिंह(Ranath Singh) ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी(PM Modi) को जम्मू-कश्मीर(Jammu and Kashmir) की सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी, जबकि शीर्ष रक्षा अधिकारी 22 अप्रैल के हमले(attack) के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करने के विकल्पों पर विचार कर रहे थे। यह 26/11 के मुंबई नरसंहार(Mumbai carnage) के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे भीषण आतंकवादी हमला(worst terror strike) था।
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अपने हालिया "मन की बात"("Mann Ki Baat") संबोधन के दौरान, प्रधानमंत्री(Prime Minister) ने दोहराया कि पहलगाम हमले के "अपराधियों और साजिशकर्ताओं"("perpetrators and conspirators") को "कड़ी से कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी"। प्रधानमंत्री मोदी(PM Modi) ने कहा, "आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में पूरी दुनिया 140 करोड़ भारतीयों के साथ खड़ी है। मैं एक बार फिर प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि उन्हें न्याय मिलेगा और न्याय होगा।"
उन्होंने कहा, "इस हमले के अपराधियों और षड्यंत्रकारियों को कठोरतम जवाब दिया जाएगा।"
पहलगाम नरसंहार के बाद पाकिस्तान(Pakistan) के खिलाफ कूटनीतिक हमला करते हुए भारत ने कई दंडात्मक उपायों की घोषणा की, जिसमें सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित करना, अटारी(Attari) में एकमात्र भूमि सीमा पार संचालन को बंद करना और पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा को निलंबित करना शामिल है। इसी तरह, पाकिस्तान(Pakistan) ने भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और नई दिल्ली(New Delhi) के साथ सभी व्यापार को निलंबित कर दिया है।
इस हाई-लेवल मीटिंग के बाद देश की सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता साफ दिखाई दे रही है। Narendra Modi ने अपने आधिकारिक आवास पर Defence Minister, NSA और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ स्थिति की गहन समीक्षा की।
यह बैठक 2025 Pahalgam attack के बाद लगातार बढ़ते सुरक्षा खतरे और भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें करीब 26 लोगों की जान गई।
- आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया
- हमला Baisaran Valley में हुआ
- इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया
इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भी काफी बढ़ गया।
पीएम आवास पर हाई-लेवल मीटिंग
इस हमले के बाद Narendra Modi ने लगातार कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं, जिनमें शामिल थे:
- Rajnath Singh
- Ajit Doval
- Chief of Defence Staff
- Army, Navy और Air Force के chiefs
इन बैठकों में सुरक्षा स्थिति, जवाबी कार्रवाई और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई।
सेना को मिली खुली छूट
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया:
???? भारतीय सेना को full operational freedom दी गई
यानि:
- कब और कैसे जवाब देना है
- कौन सा target चुनना है
- किस रणनीति से हमला करना है
इन सभी मामलों में सेना को पूरी स्वतंत्रता दी गई।
NSA Ajit Doval की भूमिका
Ajit Doval इस पूरे मामले में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं।
- उन्होंने लगातार PM के साथ बैठक की
- सुरक्षा एजेंसियों के बीच coordination किया
- response strategy तैयार करने में योगदान दिया
वह भारत के सबसे अनुभवी सुरक्षा सलाहकारों में से एक माने जाते हैं और कई बड़े ऑपरेशन्स में उनकी अहम भूमिका रही है।
Operation Sindoor: जवाबी कार्रवाई
इस हमले के बाद भारत ने Operation Sindoor के तहत जवाबी कार्रवाई की।
- आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया गया
- कई targets को सटीक तरीके से नष्ट किया गया
- यह ऑपरेशन बेहद तेज और सटीक था
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई सिर्फ 20–25 मिनट के अंदर पूरी कर ली गई थी।
भारत-पाक तनाव में बढ़ोतरी
इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया:
- सीमा पर firing की घटनाएं बढ़ीं
- international स्तर पर चर्चा तेज हुई
- सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं
सरकार ने साफ कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव
सरकार ने इस घटना के बाद कई बड़े कदम उठाए:
- देशभर में mock security drills
- critical infrastructure की सुरक्षा बढ़ाई गई
- intelligence agencies को alert किया गया
यह सभी कदम भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए उठाए गए हैं।
आम लोगों के लिए क्या मतलब?
इस तरह की घटनाओं का असर आम लोगों पर भी पड़ता है:
- पर्यटन उद्योग प्रभावित होता है
- सुरक्षा जांच कड़ी हो जाती है
- लोगों में डर का माहौल बनता है
लेकिन सरकार का कहना है कि स्थिति को जल्द ही सामान्य किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस हमले की दुनिया भर में निंदा की गई:
- कई देशों ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई
- आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई
- global forums पर भी इस मुद्दे को उठाया गया
आगे क्या हो सकता है?
आने वाले समय में:
- और भी सख्त सुरक्षा कदम उठाए जा सकते हैं
- आतंकियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन हो सकते हैं
- भारत अपनी defense strategy को और मजबूत कर सकता है
यह मामला आने वाले समय में भारत की सुरक्षा नीति को प्रभावित कर सकता है।
Conclusion
Narendra Modi की यह high-level meeting यह दिखाती है कि सरकार इस मुद्दे को लेकर कितनी गंभीर है।
2025 Pahalgam attack के बाद भारत ने साफ संदेश दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में भारत क्या कदम उठाता है और इसका क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या असर पड़ता है।
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